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जानिये दिन में à¤à¤• बार शौच के लिठजाना सही है या गलत
अगर आप लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक शौच के लिठनहीं जाते हैं तो जानें उसके पीछे कà¥à¤¯à¤¾ है कारण !
आप में से अधिकतर लोगों को सà¥à¤¬à¤¹ उठते ही शौच जाने की आदत होती है। आमतौर पर देखा जाठतो यह सही à¤à¥€ है लेकिन कई लोग à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जो दो दिनों में à¤à¤• बार ही शौच के लिठजाते हैं वहीठकà¥à¤› तो à¤à¤¸à¥‡ हैं जो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सिरà¥à¤« à¤à¤• बार शौच कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं। à¤à¤¸à¤¾ सब देखते हà¥à¤ यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर हमें कब और कितनी बार शौच के लिठजाना चाहिà¤? रोजाना शौच करना और हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार शौच करने में कौन सा तरीका सही है? इन सब सवालों के बारे में हमने मà¥à¤‚बई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ वोकहारà¥à¤¡à¥à¤Ÿ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉ. तारिक पटेल से बात की। पà¥à¥‡à¤‚: इन फलों को रोजाना खाकर दूर करें कबà¥à¥› की परेशानी
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि अगर आप पूरे दिन में à¤à¤• बार à¤à¥€ शौच के लिठनहीं जा रहे हैं तो परेशान न हों कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजहें हो सकती हैं। कई लोग तो दो तीन दिन में सिरà¥à¤« à¤à¤• बार ही शौच के लिठजाते हैं। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ तौर पर आपके शरीर, खानपान और रहन सहन पर निरà¥à¤à¤° करता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जो लोग दो-तीन में à¤à¤• बार या हफà¥à¤¤à¥‡ में à¤à¤• बार शौच जाते हैं उनमें अधिकतर वे लोग होते हैं जो घर से दूर किसी हॉसà¥à¤Ÿà¤² में या अकेले रहते हैं। डॉ. पटेल यह à¤à¥€ बताते हैं कि अगर आप हफ़à¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक शौच के लिठनहीं जाते हैं तो हो सकता है आपकी कोलन में मल पदारà¥à¤¥ जमा हो गया हो और नमी कि कमी के कारण हो सकता है यह इतना कठोर हो जाठकि इसे बाहर निकालना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाये।
शौच न होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं:
à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है कि कोलोन में मल पदारà¥à¤¥ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक पड़े रहने के कारण और नमी की कमी के कारण वह बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कठोर हो जाता है और मेडिकली यह à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° उनके मल को खà¥à¤¦ निकालते हैं या फिर उसके लिठवाटर जेट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते हैं। जिससे मल को बाहर निकलना आसान हो जाता है।
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उन मरीजों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है जो काफी दिनों तक किसी वजह से बिसà¥à¤¤à¤° पर पड़े रहते हैं। इस हालत में à¤à¤¨à¤² कैनल और रेकà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤• दिशा में न होने के कारण मल का खà¥à¤¦ से बाहर निकल पाना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ लोग लमà¥à¤¬à¥‡ समय से कबà¥à¥› से पीड़ित रहते हैं। शरीर से मल का बाहर निकलना सिरà¥à¤« आपकी डाइट पर ही निरà¥à¤à¤° नहीं करता बलà¥à¤•ि आप शौच करते समय कैसे बैठते हैं उस पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जब आप इंडियन सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² वाले टॉयलेट में बैठते हैं तो वो पोजीशन मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने कि सबसे सही पोजीशन है। उस पोजीशन में à¤à¤¨à¤² कैनल और रेकà¥à¤Ÿà¤® दोनों बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¤• सीधी लाइन में आ जाते हैं जिससे मल का बाहर निकलना आसान हो जाता है।
कई दिनों तक शौच न करना वैसे तो डायरिया का à¤à¥€ à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है लेकिन कई बार लोग ग़लतफ़हमी के शिकार हो जाते हैं। डॉ पटेल बताते हैं कि उनके पास à¤à¤¸à¥‡ कई मरीज आते हैं जो सिरà¥à¤« लमà¥à¤¬à¥‡ समय से कबà¥à¥› के शिकार होते हैं लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लगता है कि वे डायरिया से पीड़ित हैं। à¤à¤¸à¥€ ग़लतफ़हमी के कारण कई बार मरीज सिरà¥à¤« कबà¥à¥› होने पर डायरिया कि दवाइयां खाने लगते हैं। जिससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और बिगड़ सकती है। इसलिठअगली बार जब आपको कई दिनों तक शौच न हो तो खà¥à¤¦ से दवा न खाà¤à¤‚ बलà¥à¤•ि किसी नजदीकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ज़रूर जायें।
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